मेरी कुछ यादें
मेरी कुछ बातें
यहाँ और वहां से
सिर्फ आपके लिए
आज से
रोजाना
आते रहिये
कभी फुर्सत मैं
कभी मुझे
सुनने के बहाने
करूंगी इंतज़ार
रोजाना
मेरे प्रभु
मेरे गुरु
अर्पण करती हूँ
तुमको
तन मन धन
रोजाना
मेरी कुछ बातें
यहाँ और वहां से
सिर्फ आपके लिए
आज से
रोजाना
आते रहिये
कभी फुर्सत मैं
कभी मुझे
सुनने के बहाने
करूंगी इंतज़ार
रोजाना
मेरे प्रभु
मेरे गुरु
अर्पण करती हूँ
तुमको
तन मन धन
रोजाना
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